जीवन का सफर
जीवन का सफर
पहाड़ों की उंचाई नापो मत,
बस चलते ही जाओ,चलते ही जाओ ।
पेड़ पौधों को सिर्फ निहारो मत,
उनसे बातें करते जाओ,करते जाओ ।
कंटक, नुकीले पत्थर से बिखरे पथ,
आगे बढते ही जाओ,बढते ही जाओ ।
काली घनी अंधेरी या होगी चांदनी रात,
हिम्मत जुटाते जाओ,जुटाते जाओ ।
पहाड़ पर पहुंचते ही क्या बात ,
नीचे निहारते जाओ, निहारते जाओ ।
जीवन का यही है रुप,
स्वीकारते जाओ,स्वीकारते जाओ ।
पहाड़ मतलब जीवन में आने वाले संकट,
उसे हिम्मत से पार करते जाओ, करते जाओ ।
पेड़ पौधे मतलब जीवन में मिलने वाले अपने,पराये
उन सबसे अच्छा रिश्ता जोड़ते जाओ, जोड़ते जाओ ।
जीवन में आये हैं तो अच्छे कर्म करते जाओ,
अच्छे कर्म करते जाओ ।
