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Kanhaiya swaroop Saxena

Abstract

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Kanhaiya swaroop Saxena

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जब तू छोटा था बेटा

जब तू छोटा था बेटा

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पिता का पुत्र के प्रति प्यार  छोटा था बेटा 

जब तू तेरी छोटी छोट सारात थी बेटा 

तब तु रोता था बेटा 

माँ का दूध पी कर सोता था बेटा 

बाप के काधे पर बैठ कर बेटा 

मेले के नजारे देखता था बेटा 

जब तू छोटा था बेटा 

तेरी छोटी छोटी सारात थी बेटा 

छोटी छोटी बातो पर बेटा 

रो- रो करके मुझ पर जिद जीता था बेटा 

जब तू छोटा था बेटा 

तेरी छोटी छोटी सारात थी बेटा 

माँ ने अपने आचल मे खुशी समेटी थी बेटा 

बीमार होने के कारण भी तुझे दूध पिला ति थी बेटा 

जब तु छोटा था बेटा 

तेरी छोटी छोटी सारात थी बेटा।


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