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इश्क़

इश्क़

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यूँ हवा का चलना ,

यूँ दिल का मचलना,

यूँ नज़रें मिलाना,

मिलाकर चुराना,


यूँ पास आकर

हौले से छू जाना,

बिन बोले बातें समझना,

बिन समझे बातें बोलना।


यूँ हँसते-हँसते रोना,

यूँ रोते-रोते हँसने।

आपके एक फ़ोन पर

बिन बात मुस्कुराना,


आपके साथ होकर

खुद को भूल जाना,

हर लड़ाई के बाद

"जाओ बात नहीं करुँगी"

कहकर आपके मानाने का

इंतज़ार करना,


ऊफ्फ ये कमबख्त इश्क़ 

इंकार भी करना,

इक़रार भी करना।


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