इश्क़
इश्क़
इश्क़ में आदमी सब कुछ कह देता है
मगर वही नहीं कह पाता
जो वो कहना चाहता है।
या जो वो सुनना चाहता है।
दुनिया चाहे चाँद पर पहुँच गयी हो,
लेकिन सच्चे इश्क़ की वो झिझक
आज भी बरकरार है।
और शायद सच्चे इश्क़ की
यही खूबसूरती है, है ना...

