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Dipak Joshi

Romance

4  

Dipak Joshi

Romance

इंतजार

इंतजार

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तुमको भूल सकता नहीं,

तेरी याद पल भर भी दूर होती नहीं,

ये कौन सा रस पिलाया है,

जो उत्तरत्ता ही नहीं


उम्मीद सदा हम को आप से है,

वही थोडी सी जान भर जाती है.

पत्थरों को दिल होता नहीं,

फिर भी ए दिल मानता नहीं


यादों का मिलन होता है दिल में,

आंखों में इंतज़ार है.पर हलका सा डर है,

आप के ना मानने का तड़प है दिल को दिल से,

इंतजार है आप का,

वही जगह पे इंतजार है, जहां से तुम मुड़ गये थे।


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