Aryan Krisna
Abstract
साल का वो एक दिन
जब दिल न लगता खेले बिन
रंगों का त्योहार आया
संग अपने खुशियाँ लाया
कोई न अपना न पराया
खेलना न ठुकराया
कोई है नहीं दुखी
माहौल है सुखी
आओ सब मिलकर खेले होली
लेते है खुशियों की गोली।
उम्मीद
हवा
मेरी माँ
होली मुबारक
इंसान को बुद्धि देकर किया तुमने कितना उपकार इंसान को बुद्धि देकर किया तुमने कितना उपकार
उस कमरे को खाली ही रहने देना, वो खाली कमरा, मुझे पूरी तरह जानता है। उस कमरे को खाली ही रहने देना, वो खाली कमरा, मुझे पूरी तरह जानता है।
दिल की भावनाएं मस्तिष्क समझे नहीं, दिल को मस्तिष्क की बातें माननी नहीं, सही ग़लत का उलझन दिल क... दिल की भावनाएं मस्तिष्क समझे नहीं, दिल को मस्तिष्क की बातें माननी नहीं, सही ग़लत...
तुम्हारा खड़ा होना, मेरे मन की चौखट पर और मेरे इंतजार का बिखरना, तुम्हारे पैरों के नीचे एक ... तुम्हारा खड़ा होना, मेरे मन की चौखट पर और मेरे इंतजार का बिखरना, तुम्हा...
बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है? बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है?
दिल में कसक सी बाकी रह जाती है दिल में कसक सी बाकी रह जाती है
गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक महसूस किय गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक ...
कोई अल्हड़ हँसता रहता है। देखे मैंने हरदिल बस्ते ! कोई अल्हड़ हँसता रहता है। देखे मैंने हरदिल बस्ते !
हमने अंग्रेज़ी में सोचना सीख लिया है, पर हम महसूस हिंदुस्तानी में करते हैं. हमने अंग्रेज़ी में सोचना सीख लिया है, पर हम महसूस हिंदुस्तानी में करते हैं.
थम सी जाती ज़िन्दगी और समय चक्र मुस्कुराता कहीं थम सी जाती ज़िन्दगी और समय चक्र मुस्कुराता कहीं
सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं
शब्दों की अपनी गरिमा है, भावों की अनुपम महिमा है। मृदु मंत्रों के पुष्पहार से, अनघ हृद... शब्दों की अपनी गरिमा है, भावों की अनुपम महिमा है। मृदु मंत्रों के पुष्...
क्योंकि मैं केवल मिश्रण ही नहीं मिश्रित भी हूं। क्योंकि मैं केवल मिश्रण ही नहीं मिश्रित भी हूं।
नीर भरी अंखियों में तुमने, पीड़ा की गहराई दी, नीर भरी अंखियों में तुमने, पीड़ा की गहराई दी,
कैसे पूजा हो माँ तेरी, या कि करूँ मैं पाठ। जाने कैसी बुद्धि हमारी, उम्र हो&n... कैसे पूजा हो माँ तेरी, या कि करूँ मैं पाठ। जाने कैसी बुद्धि हम...
विरासत विरासत
प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार। प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार।
शृंगार बालों का हुआ है, झूलती है चोटियाँ। चकले थिरक जाते खुशी से, बेलती जब बेटियाँ। शृंगार बालों का हुआ है, झूलती है चोटियाँ। चकले थिरक जाते खुशी से, बेलती जब बे...
मैं एक औरत हूँ जिससे संसार चल रहा है। मैं एक औरत हूँ जिससे संसार चल रहा है।
इसलिए घर के साथ-साथ रिश्तों में भी दीमक सी लगने लगी है। इसलिए घर के साथ-साथ रिश्तों में भी दीमक सी लगने लगी है।