STORYMIRROR

Shubhangi H. Kore

Inspirational

4  

Shubhangi H. Kore

Inspirational

हौसला in lockdown

हौसला in lockdown

1 min
336

लौटकर आयेगा वसंत झूम के,

फिर महकेंगे फूल आँगन के ...

आयेंगे लौटकर, फिर मीठे लम्हे,

मनायेंगे फिर त्योहार खुशी के।

बस रखना है हौसला तुझे,

हाँ, रखना है हौसला तुझे।


फिर मुस्करायेंगी सारी गलियां 

खिलेंगी फिर से नन्ही कलियाँ।

बजने लगेंगी फिर से शहनाईयां 

नही रहेंगे फिर ये दिन खौफ के।

बस रखना है हौसला तुझे,

हाँ, रखना है हौसला तुझे।


आयेगा सूरज फिर रोशनी लेके 

परिंदे फिर आयेंगे, पिंजरे से उडके 

मिलजुलकर रहेंगे फिर आपस मे 

रौनक फैलेगी हर एक घर मे ,

बस रखना है हौसला तुझे,

हाँ, रखना है हौसला तुझे।


गाँव, शहर फिर जगमगा उठेंगे 

फिर रास्ते चहकने लगेंगे 

एहसास होगा फिर धीरे - धीरे तुम्हे 

रहता है, खुदा भी इस दुनिया में।

बस रखना है हौसला तुझे, 

हाँ, रखना है हौसला तुझे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational