गज़ल
गज़ल
“क्या दर्दे दिल की दवा नहीं, यदि हो तो कुछ बताइए”
“क्यों दूर जा के बैठे हैं, कुछ तो पास आइए।।
क्या दर्दे दिल...................
“दिल तो बश दिल ही हैं, न कि संघे-खिस्त हैं”
“सीने पै रखा पत्थर, पहले हटाइए।।
क्या दर्दे दिल...................
“मुद्द्त से तेरे वास्ते, रखा बचा के दिल”
“कन्धे से सर हटा के, सीने पै लाइए।।
क्या दर्दे दिल...................
“अश्को से भी तो दर्द का, होता है कुछ इलाज”
“दिल पे हाथ रखिए, कुछ गुन-गुनाइये।।
क्या दर्दे दिल...................
“दुनिया से चले जाने दो-तसल्ली हमें न दो”
“वो बश आ रहे हैं, थोड़ा ठहर जाइए।।
क्या दर्दे दिल...................
