जिंदगी की उस मोड़ से
जिंदगी की उस मोड़ से
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“ तेरी याद आयी तेरे जाने के बाद “
“ प्यार कम ना हुआ मर जाने के बाद || तेरी याद आयी...........
जिन्दगी अपनी रुसवाइयों का शहर कभी हमसे खफा,
कभी खुद से खफा फूल मुरझाते हैं, फूल आने के बाद जिंदगी खिल रही है,
मुरझाने के बाद || तेरी याद आयी.........
ए जवानी भी ऐसी ही सैलाब है कभी रूकती नहीं,
कभी झुकती नहीं रूक जाती है तो सर झुकाने के बाद
आज सर झुक गया है, रूक जाने के बाद || तेरी याद आयी...
समन्दर का भी कोई, साहिल तो होगा अपनी मोहब्बत का साहिल नहीं है भूल जाते हैं,
लोग याद आने के बाद याद आई नहीं, भूल जाने के बाद || तेरी याद आयी.............
बहुत हो गया इन्तजारी का आलम सकूं जिन्दगी का चला जा रहा है पायें भी हैं,
लोग खोने के बाद मैंने तो खोया है उसको पाने के बाद || तेरी याद आयी..........
