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Mishra Survee

Abstract


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Mishra Survee

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घोंसला

घोंसला

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परिंदों की तरह तिनका बटोरा

सपनों के डाली को झकझोरा

निकला उसमें से अनेकों ख्वाब

अनवरत प्रयास सपनों का महल संवारा

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आज संग है तो जीवन का उमंग है

छोटे छोटे प्रयासों का अनूठा संगम है

आते जाते रहेंगे खुशियां और गाम

डाल डाल से पाए नये नये तरंग हैं

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चिड़ई चुनमुन की चहचहाहट

मधुर गुंजनों की सुगबुगाहट

वादियों की लुभावनी चादर ओढ़े

सब मिल हमारे घोंसले को से जगमगाहट

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घोंसला हमारा रहे सुरक्षित

आए ना कभी दुखों का चित

मगन रहे मन अपने सदन में

सम्मान प्यार से कभी ना हो वंचित

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लेकिन मोह न करें खोंते से इतना

कि सब अवसर ,रिश्ता बन जाय अदना

निर्जीवों से ज्यादा सजिवों को दें तवज्जों 

नहीं तो बाद में पड़ ना जाय सर धुनना 

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नोट -अदना - छोटा 

सर धुनना - परेशान होना

खोंते - घोंसले


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