STORYMIRROR

Awadhesh Kumar

Tragedy

3  

Awadhesh Kumar

Tragedy

एक तरफा प्यार

एक तरफा प्यार

1 min
507

मोहब्बत उनकी भी जायज़ थी, ऐसा ग़ुरूर था उनको,

इश्क़ मेरा भी पाक़ था, ऐसा यकीं था मुझको,

रोज़े हमने भी रखे, आयात उन्होंने भी पढ़े,


सच्चाई धुँधली सी हुई,

जब हमारे रोजे में उनकी दुआ, 

और उनके आयात में किसी और का नाम था।


ഈ കണ്ടെൻറ്റിനെ റേറ്റ് ചെയ്യുക
ലോഗിൻ

More hindi poem from Awadhesh Kumar

~दर्द

~दर्द

1 min വായിക്കുക

तलब

तलब

1 min വായിക്കുക

हिचकी

हिचकी

1 min വായിക്കുക

~ख़ुदा

~ख़ुदा

1 min വായിക്കുക

नशा

नशा

1 min വായിക്കുക

यादें

यादें

1 min വായിക്കുക

Similar hindi poem from Tragedy