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वैष्णव चेतन "चिंगारी"

Abstract

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वैष्णव चेतन "चिंगारी"

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✍️ एक -एक दीप जलाएं ✍️ ( 21 )

✍️ एक -एक दीप जलाएं ✍️ ( 21 )

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एक-एक दीप जलाएं 

आदरणीय प्रधानमंत्री के इस 

आह्वान को स्वीकार करें, 

सब मिलकर अपने अपने घर 

एक_,एक दीप जलाएं, 

विश्व में फैली महामारी के 

इस संकट से बचने को सहयोग करें, 

शहर के शहर थम गए हैं 


और सहम गए हैं इंसान, 

विधवा की मांग की तरह हो गई है 

सड़कें सारी वीरान, 

सारी दुनियां चाहती है 

जल्द हो इसका निदान, 

आओ हम सब मिलकर 

आशाओं का दीप जलाएं, 

अपने और अपनों की 

मिलकर सांसें बचाएं, 


अपने-अपने घर दीप जलाकर 

हम कोरोना को भगाएं, 

5 -अप्रैल -020 की रात 9:00 बजे 

9 मिनट तक रोशनी करें, 

सारी लाइटें बुझाकर 

हम दीपों को प्रज्वलित करें, 

करबद्ध निवेदन 

"चेतन वैष्णव"करें 


सब मिलकर सहयोग करें, 

अंधकार से प्रकाश की ओर 

सामूहिक की यात्रा का, 

हम सबको साथियों देना है 

साथ सामूहिक यात्रा का !


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