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ritesh deo

Abstract

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ritesh deo

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एहसास

एहसास

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अहसास हैं ये, सिर्फ बातें नहीं.....

ये है दुनिया, यहाँ जो होता है वो, दिखता नहीं,

और जो दिखाई पड़ता है ,वो होता नहीं.... 


कितने हैं अल्फ़ाज़ ऐसे,जिनमें कोई अहसास नहीं...

कितने हैं,अहसास ऐसे ,जिनके लिए अल्फ़ाज़ नहीं....


जिनसे कह कर अपना दर्द बयाँ करना पड़े, वो अपने नहीँ...

और जो आपकी ख़ामोशी भी सुन सकें,वो पराए नहीं....


जो आपको ग़लत साबित करके भी साथ ना छोड़ें ,वो नफरत नहीं..

और जो एक ग़लती भी बर्दाश्त ना कर सकें,वो मोहब्बत नहीं....


किसी की ख़ुशी की ख़ातिर झूठ बोलना पाप नहीं...

सच बोल कर किसी का दिल तोड़ना ,पुण्य नहीं....


सिर्फ़ अपने लिए जीना ज़िन्दगी नहीं...

और, मरकर भी किसी के आँसुओं में मुस्कुराना,मौत नहीं......

 ये है दुनिया....


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