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ramsingh rajput

Classics

5.0  

ramsingh rajput

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दुकानदार होना भी कहां आसान है

दुकानदार होना भी कहां आसान है

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दुकानदार होना भी कहां आसान है

दोस्तों ना किसी के ख्वाबों में मिलेंगे

ना किसी के अरमान में मिलेंगे

हम हमेशा दुकान में मिलेंगे

 

गर्मी सर्दी यूं ही गुजर जाती है

नींद भी पूरी नहीं होती कि रात गुजर जाती है

होली दीपावली नवरात्रि पर भी हम काम मैं मिलेंगे

 तुम आ जाना मेरे दोस्त हम दुकान में मिलेंगे

 

जमाने भर की खुशियां से हम अलग हैं

लोगों को लगता है कि हम गलत है

हम बीमार होकर भी ठीक रहती है तबीयत हमारी

कोई आजकल पूछता भी नहीं है खैरियत हमारी


कभी माल छोड़ने कभी बैंक में

कभी ट्रैफिक में जाम मिलेंगे

तुम हमेशा आते रहना 

दोस्त हम हमेशा दुकान में मिलेंगे।


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