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Nawal Kishore Singh

Inspirational

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Nawal Kishore Singh

Inspirational

दोष

दोष

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लिए पतवार हाथों में भँवर को कोसता कोई।

मचलती उर्मियों को भी कभी क्या पोसता कोई?

अदेखा मानकर जल को शिकारा हाँकने वाला,

डुबोकर रेत में नैया नदी को दोषता कोई।



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