STORYMIRROR

hardeep singh

Inspirational Others Children

4  

hardeep singh

Inspirational Others Children

दीवाली

दीवाली

1 min
403

दीवाली , मां तेरे बिन अधूरी है

खुशी कोई वी लगती पूरी ना,


सब फीके लगते पकवान मीठे,

याद आती तेरे खिलाई चूरी मां,


जपता है जैसे तुमने गले लगाया ,

जब वी लपेटी तुमरी चुनरी मां,


सम्हाले संभलता नहीं अपना आप,

तभी रोना भी लगता जरूरी ना,


याद आती बहुत तिहारी,

काश होती तुम साथ मेरे


दीवाली होती खुशियों भरी मेरी मां

याद आती बड़ी तुम्हारी मां


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational