Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Somya Tiwari

Inspirational


3.5  

Somya Tiwari

Inspirational


दीपक सा जलता है गुरु

दीपक सा जलता है गुरु

1 min 185 1 min 185

दीपक सा जलता है गुरु

फैलाने ज्ञान का प्रकाश

न भूख उसे किसी दौलत की

न कोई लालच न आस


उसे चाहिए, हमारी उपलब्ध‍ियां

उंचाईयां,

जहां हम जब खड़े होकर

उनकी तरफ देखें पलटकर

तो गौरव से उठ जाए सर उनका

हो जाए सीना चौड़ा


हर वक्त साथ चलता है गुरु

करता हममें गुणों की तलाश

फिर तराशता है शिद्दत से

और बना देता है सबसे खास


उसे नहीं चाहिए कोई वाहवाही

बस रोकता है वह गुणों की तबाही

और सहेजता है हममें

एक नेक और काबिल इंसान को!


Rate this content
Log in

More hindi poem from Somya Tiwari

Similar hindi poem from Inspirational