STORYMIRROR

Gurudeen Verma

Inspirational

4  

Gurudeen Verma

Inspirational

बन्द तुम शोषण करो

बन्द तुम शोषण करो

1 min
279


इस तरह इन्सानों का, बन्द तुम शोषण करो।

अन्याय है शोषण करना, बन्द यह शोषण करो।।

इस तरह इन्सानों का-----------------।।


घर- जमीन नहीं इनके पास, ये जो गरीब है।

 नहीं है कोई इनका संरक्षक, ये जो यतीम है।।

लूटकर इनको ऐसे तुम,नहीं इनका शोषण करो।

जुर्म है इनका ऐसे शोषण,बन्द यह शोषण करो।।

इस तरह इन्सानों का-----------------।।


अबला नहीं है नारी अब, हर क्षेत्र में काबिल है।

हर पद - हर सम्मान को, नारी ने किया हासिल है।।

नारी की मजबूरी देख,नारी का मत शोषण करो।

पाप है एक इनका शोषण, बन्द यह शोषण करो।।

इस तरह इन्सानों का------------------।।


नहीं कराओ तुम मजदूरी, इन बच्चों से बचपन में।

जीने दो इनको जीभर बचपन,तुम इनके बचपन में।।

करके बालविवाह इनका तुम, नहीं ऐसे शोषण करो।

एक अभिशाप है यह शोषण, बन्द यह शोषण करो।।

इस तरह इन्सानों का--------------------।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational