Sudhirkumarpannalal Pratibha
Abstract Inspirational
न सफेद
न काला
न लाल
न हरा
न पीला
न हीं
गुलाबी
सबसे
अलग है
यह भूरा रंग
जो दर्शाता है
प्रकृति की
सुंदरता को
निर्भीकता को
भूरा रंग
अपनेआप में
एक रंग है
जो हर रंगों से
परे है
या यूँ कहें
रंग हीं नहीं
रंगहीन है
फिर भी
रंग है।
प्रेम
सही मायने में...
प्रेम और नफरत
प्रेम को परिभ...
नजरिया
कहानी की परिभ...
नहीं जानते कविता रचना ,बोलों का है ना ज्ञान मुझे ! शब्दों को कैसे मैं पिरोऊँ ,इतना सब। नहीं जानते कविता रचना ,बोलों का है ना ज्ञान मुझे ! शब्दों को कैसे मैं पिरोऊँ ...
कहा जाता है कि कान होते हैं दीवारों के। कहा जाता है कि कान होते हैं दीवारों के।
औरत को हर उम्र में हक़ है दिखने का सुन्दर और हसीन! औरत को हर उम्र में हक़ है दिखने का सुन्दर और हसीन!
जो अनिश्चित है बांधे नहीं जा सकते पर मेरा वजूद भी इनसे ही है। जो अनिश्चित है बांधे नहीं जा सकते पर मेरा वजूद भी इनसे ही है।
स्वर्ण पिंजरा भी किस काम का, जिसमे गुलामी की बू होती है! स्वर्ण पिंजरा भी किस काम का, जिसमे गुलामी की बू होती है!
मन कुछ तृप्त हो भी जाए लेकिन आँखें नहीं कभी तृप्त हो पाती हैं।। मन कुछ तृप्त हो भी जाए लेकिन आँखें नहीं कभी तृप्त हो पाती हैं।।
कभी चुन लेते हम शब्द बेमेल कभी रह जाते हम निःशब्द। कभी चुन लेते हम शब्द बेमेल कभी रह जाते हम निःशब्द।
मुझे ऐसा एक चाँद चाहिए दिला दे मुझे दिला दे।। मुझे ऐसा एक चाँद चाहिए दिला दे मुझे दिला दे।।
ऐसे शहादत को मेरा शत शत प्रणाम ऐसे शौर्यवान है मेरे देश के जवान...! ऐसे शहादत को मेरा शत शत प्रणाम ऐसे शौर्यवान है मेरे देश के जवान...!
आंखों से बह निकली अश्रु की सरिता तब मैंने लिखनी छोड़ दी कविता! आंखों से बह निकली अश्रु की सरिता तब मैंने लिखनी छोड़ दी कविता!
आज़ादी की भीख वोट करने की छूट और एक सबसे बड़ा लोकतंत्र। आज़ादी की भीख वोट करने की छूट और एक सबसे बड़ा लोकतंत्र।
क्योंकि मैं दीया हूँ, मेरा फर्ज हैं, प्रकाशपुंज भारत बनाने का। क्योंकि मैं दीया हूँ, मेरा फर्ज हैं, प्रकाशपुंज भारत बनाने का।
इस जग में अमृत सरिस, ईश्वर का वरदान। सबका दिल हर्षित करे,पेय चाय अभिधान।। इस जग में अमृत सरिस, ईश्वर का वरदान। सबका दिल हर्षित करे,पेय चाय अभिधान।।
घटा घनघोर छाई,चली खूब पुरवाई। धरती का मिटा ताप,आनंद उठाइए।। घटा घनघोर छाई,चली खूब पुरवाई। धरती का मिटा ताप,आनंद उठाइए।।
यहाँ दिलों में चाहतों का शोर बहुत है सुना है तेरे शहर में दिल के चोर बहुत हैं! यहाँ दिलों में चाहतों का शोर बहुत है सुना है तेरे शहर में दिल के चोर बहुत हैं...
वो प्यारी सी नन्ही सी पंखुड़ी वो मेरे घर-आँगन की बिटिया कहलाती है। वो प्यारी सी नन्ही सी पंखुड़ी वो मेरे घर-आँगन की बिटिया कहलाती है।
ज़िंदगी को हकिकत के आईने से देखों प्रतिबिम्ब ख़तरनाक है। ज़िंदगी को हकिकत के आईने से देखों प्रतिबिम्ब ख़तरनाक है।
वीरानों में कभी यादों को टटोल कर देखा । वीरानों में कभी यादों को टटोल कर देखा ।
जाड़ा तो उसको भी लगा, पर वो ठिठुरता रह गया, जाड़ा तो उसको भी लगा, पर वो ठिठुरता रह गया,
संशय मिटे हृदय के विवाह वेदी को करते हुए पार अब शुरू होने जा रहा था उनका एक नया सँसार ! संशय मिटे हृदय के विवाह वेदी को करते हुए पार अब शुरू होने जा रहा था उनका एक न...