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Vikram Kumar

Abstract

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Vikram Kumar

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भारत की पावन मिट्टी

भारत की पावन मिट्टी

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जनता के जनादेश ने राष्ट्रवाद को संवारा है

जो सत्य पर है जीत गया झूठ पर है हारा है

जो सत्य पर है जीत गया झूठ पर है हारा है


जिसने सदा ही पूजा है भारत की पावन मिट्टी को

जिसने सदा ही बल दिया है योग की संस्कृति को

जिसने सदा रखा है मान सनातन के नाम का

जो हिन्द पर नहीं है भूला उपकार श्री राम का

कलयुगी रावण को जिसने राम बन संहारा है


जो सत्य पर है जीत गया झूठ पर है हारा है

जो सत्य पर है जीत गया झूठ पर है हारा है

देश के शत्रु पे सदा मुठ्ठियां जिसकी कसीं

दिल में गरीबों के कल्याण की बातें बसीं

जो होता है प्रधान का वो अर्थ न जाने दिया


सैनिकों के खून को व्यर्थ न जाने दिया

दिल से निकलती सदा सब धर्मों की प्रेमधारा है

जो सत्य पर है जीत गया झूठ पर है हारा है

जो सत्य पर है जीत गया झूठ पर है हारा है

देश के कल्याण का हर काम समूचा किया


भारत का माथा विश्व के हर क्षेत्र में ऊंचा किया

वीर पुरोधाओं के आदर्शों को अपनाया है

जो खोया था सरदार का सम्मान वो लौटाया है

सबके साथ से विकास का दिया एक नारा है


जो सत्य पर है जीत गया झूठ पर है हारा है

जो सत्य पर है जीत गया झूठ पर है हारा है

हम मंगते ईश्वर से कि सद्भाव ये चलता रहे

हृदय में आपके कर्म का भाव ये चलता रहे


आप हिन्द में अनोखी पहल शुरु करें

आप अपने हिन्द को विश्व का गुरु करें

ये जान है जबतक आपको साथ ये हमारा है

जो सत्य पर है जीत गया झूठ पर है हारा है

जो सत्य पर है जीत गया झूठ पर है हारा है।


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