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Preet Rathi

Abstract

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Preet Rathi

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बेटियां

बेटियां

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मिलती है बड़े भाग्य से

ये प्यारी बेटियां

होती है ईश्वर की अनोखी 

ये सौगात बेटियां


सूने से मकानों को 

घर बना देती है

आने से उसके

गूंज उठती है गलियां                      

मुस्कुराहट से उसकी      

खिल उठती है कलियां


चंचल सी चहलकदमी            

होती है बेटियां

अंधीयारे में उम्मीद की

किरण होती हैं बेटियां

होती है मासूम सी

उसकी शैतानियां 


नन्हे नन्हे से हाथों में 

 जब खनकती है चुड़िया

देख कर तो पिता की

दूर हो जाती है परेशानियां

टेड़ी मेढ़ी जब बनाए

बेटी वो रोटियां


लेती है बार बार मैया तो बलैया                  

सारे जहाँ से न्यारी होती हैं बेटियां

माँ - बाबा की राजदुलारी होती हैं बेटियां

जाने क्यों जल्दी बड़ी 

हो जाती है बेटियां


बन के दुल्हन गैरो के घर

विदा होती है बेटियां

मिलती है बड़े भाग्य से   

ये प्यारी बेटियां    

चांद पूनम का

करवा चौथ होती हैं बेटियां


हर त्योहार,               

हर खुशी का               

आगाज होती हैं बेटियां।


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