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Mamta Rani

Abstract Classics Fantasy

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Mamta Rani

Abstract Classics Fantasy

अरदास रहे

अरदास रहे

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राह तके हैं नैन कबसे दिल में मधुर ये आस रहे

रीत मिलन की आयी है चलो मिलने का प्रयास रहे


राधा कहाँ दूर रह पायी है कृष्ण के अस्तित्व से

दूर रहके भी दूरी का थोड़ा भी ना आभास रहे


जीवन के हर मोड़ पे कान्हा तेरा सदा साथ हो

चेहरे में कभी न हो उदासी तेरा ही अरदास रहे


जब तक साँसे चलती हैं साँसों में भी तेरी बात हो

मन के मन मन्दिर में कन्हैया सदा तेरा ही वास रहे


स्मृति पटल पे सदा अपनी रानी की यादों का बसेरा हो

जीवन के हर क्षण में तेरे प्रेम स्नेह का एहसास रहे।


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