Rajendra Singh
Comedy
अपना लगा पराया, अब सलाम किस बात की।
बंधी मुठ्ठी लाख की तो खुले मुठ्ठी खाक की।।
यह तो बताओ बंधा रहना चाहते हो या खुला,
बंधे रहने में ही कद्र है बात की।
दिलवर्
मुफ्लिसी
फैक्ट
पैसा...... पै...
दोस्त ---यार
अपना --- परा...
ये आजकल की पीढ़ी का, जाने ध्यान कहां रहता है? ना कीमत वक्त, पैसे या मेहनत की! ये आजकल की पीढ़ी का, जाने ध्यान कहां रहता है? ना कीमत वक्त, पैसे या मेहनत की!
वर्षा का स्वागत-- गीत अब के बरस भी ना उठ पाऐगी...... बिटिया की डोली ।कर्ज़ पाटने में गुज़रेगी ; ईद---... वर्षा का स्वागत-- गीत अब के बरस भी ना उठ पाऐगी...... बिटिया की डोली ।कर्ज़ पाटने...
हर दिन हमारी आँखों के सामने, हमारे आसपास इंसानियत का कत्ल होता है और हम कुछ करना तो दूर कुछ कहते भी ... हर दिन हमारी आँखों के सामने, हमारे आसपास इंसानियत का कत्ल होता है और हम कुछ करना...
मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो
इस कल्पवृक्ष का हर कोई अभिन्न अंग है, बांध कर रखे हैं हमें प्यार, आदर और सत्कार। इस कल्पवृक्ष का हर कोई अभिन्न अंग है, बांध कर रखे हैं हमें प्यार, आदर और सत्क...
वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन। वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन...
आज सुबह सुबह दो बहनों में लड़ाई हो गई कॉलोनी के बीच चौराहे पर हाथापाई हो गई। आज सुबह सुबह दो बहनों में लड़ाई हो गई कॉलोनी के बीच चौराहे पर हाथापाई हो गई।
आखिरकार मैंने, कुछ शब्दो को धरदबोचा, और छंदों की गांठ मारी और किस्सों को पोटली में खोसा. मैंने इन स... आखिरकार मैंने, कुछ शब्दो को धरदबोचा, और छंदों की गांठ मारी और किस्सों को पोटली ...
तुम जिसे अपनी सफलता कहते हो और जिसका बखान करते थकते नहीं हो दरअसल वह तुम्हारा बेरंग और निष्ठुर होना ... तुम जिसे अपनी सफलता कहते हो और जिसका बखान करते थकते नहीं हो दरअसल वह तुम्हारा बे...
आप दोनों में ये अनुपम सामंजस्य हो ये अजूबा हो ही नहीं सकता है। आप दोनों में ये अनुपम सामंजस्य हो ये अजूबा हो ही नहीं सकता है।
बिना फोन वाला गांव तो हो सकता है पर बिना फोन के शहर कैसे रह सकता है ? बिना फोन वाला गांव तो हो सकता है पर बिना फोन के शहर कैसे रह सकता है ?
एक भाई का अपनी बहन से निवेदन की वो उसे इस बार राखी न बांधे. क्योंकि वो अपने भाई होने का फर्ज ठीक से ... एक भाई का अपनी बहन से निवेदन की वो उसे इस बार राखी न बांधे. क्योंकि वो अपने भाई ...
द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती। द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती।
पहले तो श्रीमती जी हड़बड़ाई फिर अपने पर उतर आईं। पहले तो श्रीमती जी हड़बड़ाई फिर अपने पर उतर आईं।
अणु परमाणु के विस्फोट से स्वयं मानव अस्तित्व भी खतरे में पड़ा अणु परमाणु के विस्फोट से स्वयं मानव अस्तित्व भी खतरे में पड़ा
खुद तो गुमराह है ही जनता को भी गुमराह कर रहा है खुद तो गुमराह है ही जनता को भी गुमराह कर रहा है
प्यार से समझाने की बहुत कोशिश की रह-रहकर, मगर सब बेकार, बस बैठी थी वह एक ही रट लगाकर प्यार से समझाने की बहुत कोशिश की रह-रहकर, मगर सब बेकार, बस बैठी थी वह एक ही र...
बड़ी चम्मचें छोटे कौर, याद किये और मुस्काया। बड़ी चम्मचें छोटे कौर, याद किये और मुस्काया।
कविता मानव मन के समसामयिक द्वंदों पर आधारित है जिसमें कवि अपने अंतर्मन के भावनाओं और संलापों को अपने... कविता मानव मन के समसामयिक द्वंदों पर आधारित है जिसमें कवि अपने अंतर्मन के भावनाओ...