Rajendra Singh
Comedy
अपना लगा पराया, अब सलाम किस बात की।
बंधी मुठ्ठी लाख की तो खुले मुठ्ठी खाक की।।
यह तो बताओ बंधा रहना चाहते हो या खुला,
बंधे रहने में ही कद्र है बात की।
दिलवर्
मुफ्लिसी
फैक्ट
पैसा...... पै...
दोस्त ---यार
अपना --- परा...
हाउस वाइफ: 24 घंटे की नौकरी, नही जनाब निभाती है जिम्मेदारी। हाउस वाइफ: 24 घंटे की नौकरी, नही जनाब निभाती है जिम्मेदारी।
है ना ..! गजब ये काला जादू, बेटा जाल में फंसकर, हुआ बेकाबू ..!! है ना ..! गजब ये काला जादू, बेटा जाल में फंसकर, हुआ बेकाबू ..!!
एक पल चैन ना आवे मोबाइल तेरे बिना मन मेरा हाय घबरावे मोबाइल तेरे बिना। एक पल चैन ना आवे मोबाइल तेरे बिना मन मेरा हाय घबरावे मोबाइल तेरे बिना।
क्या लिखूं दीवाली पर महंगाई की गाली पर जलती हुई पराली पर। क्या लिखूं दीवाली पर महंगाई की गाली पर जलती हुई पराली पर।
एक साथ कई भावों से हमें बुदबुदाती फिल्म। एक साथ कई भावों से हमें बुदबुदाती फिल्म।
अब आपके हाथों में है सनम हमें यार समझो या प्यार अब आपके हाथों में है सनम हमें यार समझो या प्यार
अब तक थे आजाद पक्षी, उड़ते थे उन्मुक्त गगन में। अब तक थे आजाद पक्षी, उड़ते थे उन्मुक्त गगन में।
मन करता अब उठा कमंडल हिमालय को करूं प्रस्थान। मन करता अब उठा कमंडल हिमालय को करूं प्रस्थान।
लेकिन परिवार आज, टुकड़ों में बँट गए। लेकिन परिवार आज, टुकड़ों में बँट गए।
थोड़ी चापलूसी, थोड़ी बड़ाई, नेताजी की करो जय जयकार, थोड़ी चापलूसी, थोड़ी बड़ाई, नेताजी की करो जय जयकार,
जिंदगी न हुई तो मानो एनसीसी की ड्रिल है क्या ये जिंदगी किसी फिल्म से कम है क्या।। जिंदगी न हुई तो मानो एनसीसी की ड्रिल है क्या ये जिंदगी किसी फिल्म से कम है ...
उम्र हो गयी, पचास पार सुख से चल रहा, "शांति "के साथ घरबार। उम्र हो गयी, पचास पार सुख से चल रहा, "शांति "के साथ घरबार।
बड़ा बेदर्द निकला उसका बाप, आज तक लंगड़ा के चल रहा हूं। बड़ा बेदर्द निकला उसका बाप, आज तक लंगड़ा के चल रहा हूं।
को खूब गालियां देना, ये होते थे कॉलेज के दिन। को खूब गालियां देना, ये होते थे कॉलेज के दिन।
आज फिर बेसकूनी और गम ऐ दिल है बहुत ज्यादा आ गया बिजली का बिल है। आज फिर बेसकूनी और गम ऐ दिल है बहुत ज्यादा आ गया बिजली का बिल है।
आ जा मेरे पास वो बोली चल हट बदमाश आ जा मेरे पास वो बोली चल हट बदमाश
ईर्ष्या के लक्षण आप में तनिक भी दिखते ही नहीं, ईर्ष्या के लक्षण आप में तनिक भी दिखते ही नहीं,
खुद से होती है,जब आपका समय आ जाता है सब छोड़ के जाने का।। खुद से होती है,जब आपका समय आ जाता है सब छोड़ के जाने का।।
अकेले आने को फ़रमाया, वो बहुत खुश, चांद सितारों पर मन, अकेले आने को फ़रमाया, वो बहुत खुश, चांद सितारों पर मन,
मैं ही था जो पीकर टंकी पर चढ़ा था मौसी को समझाने भी मैं ही गया था मैं ही था जो पीकर टंकी पर चढ़ा था मौसी को समझाने भी मैं ही गया था