दिलवर्
दिलवर्
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लोगों को दिल और दिमाग से बात करनी चाहिए, जुबान से नहीं।
लोग दिल में उतरते हैं,
या फिर दिल से उतरते हैं, गुमान से नहीं।।
या राजेंद्र यूँ क्या सोचता है,
लोग दिलवर् से बात करते हैं, शैतान से नहीं।।
इमानवाले ईमानदार से मिलते हैं, बेईमान से नहीं।
राजेंद्र इस दुनिया में भले लोग मिलते हैं जरूर,
मगर इतने आसान से नहीं।।
शैतान भी इस धरती पर ही रहते हैं, उतरे आसमां से नहीं।।
लोग अपने अपने हिसाब से बात करते हैं, कोई दाब से नहीं।।
