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Shubham Sah

Inspirational

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Shubham Sah

Inspirational

अभी तो

अभी तो

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अभी तो ये शाम होनी बाकी है

अभी तो ये महफिल सजनी बाकी है। 

अभी तो रंग कोई चढ़ा नहीं है, 

अभी रंगों में डुबकी लगानी बाकी है।


अभी तो जीना सीखा ही है हमने, 

अभी तो जिंदगी बितानी बाकी है। 

अभी तो दर्द चखा भी नहीं हमने, 

अभी तो आँसू की नदी बहानी बाकी है। 


अभी तो चर्चे हमारे हो नहीं रहे, 

अभी तो अपनी पहचान बनानी बाकी है। 

अभी तो हम ग़मों के दौर में है, 

अभी तो सारी खुशियां आनी बाकी है। 


अभी तो हम उनसे मिले भी नहीं, 

अभी तो उन संग कई शाम बितानी बाकी है। 

अभी तो कुछ किया ही नहीं हमने, 

अभी तो इस जग मे रोशनी फैलानी बाकी है। 


अभी जीने को एक दौर सुहानी बाकी है, 

अभी तो जज़्बातों से रिश्तेदारी निभानी बाकी है।


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