STORYMIRROR

Shivam Antapuriya

Abstract

3  

Shivam Antapuriya

Abstract

आओ मिलें फिर

आओ मिलें फिर

1 min
291

क्या सब कुछ ये हुआ मेरा

क्या सब कुछ ये आया है

क्षणमात्र के खेल सभी हैं

जिनमे मानव भरमाया है।


आओ मिलें फ़िर आज किसी से

जिनका किसी ने दिल ठुकराया है

हमने दुनियाँ में एक बात सुनी है

जिससे मस्तक फ़िर चकराया है।


आज फ़िर डर रहे हैं जिससे वो

वो ही उनके जीवन का माला है

बाकी चला चली है धन सम्पत्ति

धरती पर तेरा यश ही रह जाना है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract