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Shivam Antapuriya

Abstract

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Shivam Antapuriya

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आओ मिलें फिर

आओ मिलें फिर

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क्या सब कुछ ये हुआ मेरा

क्या सब कुछ ये आया है

क्षणमात्र के खेल सभी हैं

जिनमे मानव भरमाया है।


आओ मिलें फ़िर आज किसी से

जिनका किसी ने दिल ठुकराया है

हमने दुनियाँ में एक बात सुनी है

जिससे मस्तक फ़िर चकराया है।


आज फ़िर डर रहे हैं जिससे वो

वो ही उनके जीवन का माला है

बाकी चला चली है धन सम्पत्ति

धरती पर तेरा यश ही रह जाना है।


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