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Sahenur Begum

Abstract

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Sahenur Begum

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आज में जिया जाए

आज में जिया जाए

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आज मैं जिया जाए

आगे का किसने देखा है

क्या किसी ने किस्मत लिखा है

जो होना है होकर रहेगा


नसीब में हुआ तो जरूर मिलेगा

तो क्यों ना आज मैं जिया जाए 

खुलकर हर पल को प्यार से दिया जाए

क्यों वक्त जाया करें

पिछली बातों को सोच कर


सोचने से क्या बदल जाएगा 

बीता हुआ कल

जो करना है आज करना है 

मेहनत हमें पूरा देना है 


फैसला खुदा के ऊपर छोड़ना है

आज अगर फल नहीं मिले

तो बस सब्र करके आज मैं जीना जिए

बहुत बार हताश हो जाओगे

निराश होकर खुद पछताओगे


पछताने से सिर्फ आंसू ही गिरे हैं 

याद करो हारे हुए लोग

अच्छे अच्छे इतिहास लिखें ‌है

तो क्यों ना आज में जिया जाए

जो मिला उसमें शुक्र किया जाए।


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