आधुनिक महाभारत
आधुनिक महाभारत
अगर कौरव आज के राजनेताओं से सलाह लेते
तो पांडवों के ज़मीन माँगने पर कमिशन बैठा देते,
कसम से कहती हूँ आज तक राजा कहलाते
और पांडव पुत्र विपक्ष में नज़र आते
ना होती महाभारत ना बनती गीता
और भीम सोमरास की जगह पानी पीता
दल बदलू विधायक, विदुर को दरबार से हटाते,
इस पर तो पितामह भी कुछ ना कर पाते,
कौरव अर्जुन के दिव्या आस्त्रों
की खरीद को जनता तक ले जाते
अगले आम चुनाव में इसी को मुद्दा बनाते,
FAST Track COURT के अंतर्गत मुक़दमा चलते
फ़ैसला ना होने पर इसके इस्तेमाल पर रोक लगवाते,
यदि धर्मराज अंधे क़ानून पर कोई याचिका दायर करते
तो ज़्यादा से ज़्यादा कचहरी की एक File बढ़ा पाते
धर्मराज रिश्वत देने पर हिचकिचाते
फिर क्लर्क उनकी अर्जी क्यूँ आयेज बढ़ाते
ना होती महाभारत ना व्यास गीता रचते
इससे अच्छा तो किसी उपनाम से दो बार उपन्यास लिखते।
