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मेरे सामने वाली लड़की
मेरे सामने वाली लड़की
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© Vishal Patil

Fantasy

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शाम के 5 बजने को आए थे और मै बिस्तर पे सो रहा था।आजकल कुछ करने को रहता नहीं इसलिए मै अक्सर सो जाता हूँ ,के तभी अचानक से 5PM बजे वाला अलॉर्म बज उठा।आजतक पहले अलार्म पे मै कभी उठा ही नहीं,इसलिए सोचा थोड़ी देर और सो लूँ ।बिस्तर से उठने के लिए मै अक्सर देरी कर देता हूँ ।फिर मैंने इधर उधर करवटें ली और बिस्तर से उठ गया।शाम होने को आयी थी,और फिर से एक सपना पूरे होते होते टूट चुका था।हम बॉयज़ हॉस्टल में रहते है, जहां जहां नजर जाती है वहा वहा लड़के।इसलिए सपने भी सिर्फ लड़कियों के आते है। आपने क्या सोचा लडको के,जी नहीं मै उन विभागों में नहीं आता।आज फिर एक लड़की मिलते मिलते रह गई,सब मेहरबानी 5PM बजे वाले अलार्म की है। ये सोचते सोचते मै बिस्तर से उठ गया,

और बाथरूम की और चल दिया।

बाथरूम में जाकर फ़्रेश होते वक़्त मै सपने को याद करके खुश हो रहा था और साथ ही साथ गुनगुना रहा था फ़्रेश होने के बाद फिर मैंने पानी हाथ में लिया और अपने बालों में डाल दिया,और आइने के सामने जाके खड़ा हो गया।लड़के मेकप करते नहीं इसलिए मै अपने बालों में हि कुछ देर उलझा रहा।हमारे बॉयज़ हॉस्टल के ठीक सामने एक गर्ल्स हॉस्टल था।हले दिन जब मै यहां आया था तो मेरे एक रूममेट ने मुझसे कहा था के ये सामने जो हॉस्टल है ना ये गर्ल्स का है, मै मन ही मन खुश हो रहा था के तभी पीछे से आवाज आयी,"इतना खुश मत हो बच्चू" ये जो खिड़किया दिख रही है ना तुम्हे ये हमेशा बंद रहती है।मेरी सारी खुशी मेरे दिल में ही किसी बॉम की तरह ब्लास्ट हो गई।उस दिन से आजतक ना ये खिड़कियां खुली थी ना खुलने की मैंने कोई उम्मीद की थी। मै तो आइने के सामने अपने बालों को सेट करने में लगा हुआ था और हमारे रूम का आईना एक्जैक्ट गर्ल्स हॉस्टल के सामने था। हमारे हॉस्टल में लगभग २० फ़्लैट थे। मै आईने में देख रहा था के अचानक से सामने की खिड़की खुलने की आवाज हुई हॉस्टल , इतनी दूरी पर था नहीं इसलिए मुझे वो आवाज अच्छे से सुनाई दे गई। मैंने धीरे से अपनी गर्दन को आईने से निकालके सामने देखने लगा,तो सामने एक लम्बी जुल्फो वाली लड़की एक कप हाथ में लेकर बाहर देखते हुए मुझे दिखाई दी। लड़कियां होती ही खूबसरत है ये मानना गलत नहीं है उसे देखके आज फिर से साबित हो गया था। मै उसे देखकर चकित हो गया था,और खुशी के मारे मन ही मन झूमने भी लगा था। "मै देख रहा था मेरे सामने वाली लड़की"। उसने आँखों में शायद काजल लगाया था,इसलिए उसकी ऑंखें कुछ ज्यादा ही आकर्षित लग रही थी। मैंने उतने ही वक़्त में उसका पूरी तरह निरक्षण कर लिया था,लड़के इन चिजो में होते ही मास्टर है।फिर जैसे ही उसकी नजर मेरी तरफ घूमी मैंने तुरंत अपनी गर्दन फिर से आईने में डाल दी,जैसे मैंने उसे देखा ही नहीं।लेकिन उसकी खूबसूरती देखने के बाद मेरे मन का पंछी कहा शांत रह सकता था,उसे सिर्फ एक बार और देख लू इसलिए अंदर ही अंदर मानो झटपटा रहा था। थोड़ी देर बाद गर्दन टेढ़ी करके उसे फिर से देखने लगा।

उतनी देर में 5:20PM वाला अलार्म बज उठा,उसे बंद करने के लिए मै चल दिया। जब उसे बंद करने के बाद मैं वहाँ आया तब तक वो हसीना वहाँ से छूमंतर हो चुकी थी।ये कमबख्त अलार्म ने भी आज 2 बार टांग अड़ा दी थी,एक सपने में और एक हकीक़त में।

अलार्म सपना हॉस्टल

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