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Lingraj Majhi

Romance Fantasy

4  

Lingraj Majhi

Romance Fantasy

अनसुना करदिया

अनसुना करदिया

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के इस तरह 

हमे उनसे मोहबत्त है,

और

उन्होंने ना मंजूर कर दिया


हमारे इज़हार,इकरार को

साफ इनकार कर दिया

शायद कुछ कमी होगी

हमारे वफ़ा पे

जो उन्होंने सुनकर भी

अनसुना कर दिया।


खैरियत क्या पूछा 

हाल बेहाल कर दिया

हमारे पैगाम को

उन्होंने साफ ठुकरा दिया

पल रहे उम्मीदों को


बेघर कर दिया

चांदनी लेके क्या गए

अमावस कर दिया

शायद कुछ कमी होगी

हमारे वफ़ा पे

जो उन्होंने सुनकर भी

अनसुना कर दिया।


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