Anjneet Nijjar

Inspirational

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Anjneet Nijjar

Inspirational

प्रेरणा

प्रेरणा

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याद आतीं हैं कुछ पुरानी यादें, बात उस वक़्त की है, जब मैं Doaba college, Jalandhar में M.A.(economics) की छात्रा थी।उस वक़्त मैं अपने college की stage-secretary भी थी, college काlast year था, farewell की तैयारी ज़ोर-शोर से चल रही थी।Farewell के लिए मैंने बहुत सुंदरकविता लिखी और stage पर पढ़ी भी, उस वक़्त हमारे principal Dr. Ashwani Kumar ji थे,

principal कम वो हम बच्चों के दोस्त ज़्यादा थे, मेरी कविता उन्होंने written में ली मुझसे औरकहा,”तुने ग़लत train पकड़ी है, तू कवयित्री है, हिंदी और कविता तेरे अंदर हैं”, Sir के last words हमेशा मेरे दिमाग़ में रहे।जब teacher बनी तो economics पढ़ा कर बहुत पैसे कमाए मैंने, पर दिलकभी खुश नहीं हुआ, 

फिर alumni meet पर दुबारा Sir से मिलना हुआ,sir ने फिर कहा-you are on wrong track, ।बस उसके बाद मैंने हिंदी साहित्य में M.A. किया और economics छोड़ दी,अबमैं हिंदी की teacher हूँ, पढ़ाते वक़्त हमेशा खुश रहती हूँ, ईतनी कवितायें लिख चुकी हूँ कि याद भीनही, मेरी कवितायें मेरी पहचान बन चुकी हैं, एक पहचान है मेरी- अंजनीत निज्जर(कवयित्री औरसाहित्यकार)

मेरे गुरु को मेरा कोटि-कोटि नमन जिनकी प्रेरणा से आज मैं इस मुक़ाम पर हूँ और वो कर रही हूँजिसमें मुझे असीम शांति और सुख मिल रहा है। भगवान ऐसे पथ-प्रदर्शक सब को दें।


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