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Monica Pandey

Tragedy

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Monica Pandey

Tragedy

मनुष्यता

मनुष्यता

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मनुष्य की मनुष्यता नेेे ,आज साथ छोड़ दिया 

दया, धर्म, सत्य, कर्म का ,ही पथ छोड़ दिया।

सत्य और असत्य के ,भेद को ना कह सके ।

मनुष्य की उस सत्यता ने ,आज साथ छोड़ दिया। ।

प्रेेेेम और स्नेह के भाव थे कभी भरे। 

मनुष्य की उस स्नेहता ने आज स्नेह छोड़ दिया। ।

भाषाा है बड़ी बड़ी,शब्द हैैं बड़े बड़े ।

भाषा की अधिकता ने भावो को आज छोड़ दिया ।।

मनुष्य की मनुुष्यता ने आज साथ छोड़ दिया।

दया ,धर्म ,सत्य, कर्म का पत्र आज छोड़ दिया।।

 



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