माँ का आँचल
माँ का आँचल
" माँ ,आज से मुझे दो टिफ़िन देना . ''
'' क्यों ?''
" रोहित रोज़ मेरा टिफ़िन खा लेता है ''
" वो अपना नहीं ला ता है ?"
'' उसका डब्बा तो खा ली ही रहता है .मैंने छीन कर देखा था।''
माँ चुप रही , फिर मुझे अपने आँचल में समेट कर बोली,"भूख सिर्फ पेट की नहीं होती।"
