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Khushi Gangwar

Fantasy Inspirational

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Khushi Gangwar

Fantasy Inspirational

ख्वाबों की शहजादी...

ख्वाबों की शहजादी...

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था एक बागान जिसकी थी एक शहजादी...

देखने थे सपने जिसको, थी उसको खुल के आजादी...

आधी थी वो दुनिया में और सपनों में आधी...

लेकर सपनों की सवारी वो अपना हर ख्वाब पूरा कर जाती..!!

बढ़ रही थी वो कद में और मन में सपनों की आबादी...

बढ़ - बढ़ कर कद और सपने ,छिन गई एक दिन उसकी आजादी...

बेफिक्रा जो खिलखिलाया करती ,फूलों के साथ जो मुस्कुराया करती.... फिर सच में छिन गई फूलों से उनकी मुस्कराहट और उससे..??

उसका सबसे प्यारा गहना ...उसकी खिलखिलाहट।

चिड़ियों से जो बतिआया करती ,सबके लिए जो हाथ बढ़ाया करती...

अब चिड़ियाँ आना बंद कर गईं और छूट गया उनका साथ... situation hi कुछ ऐसी हुई... चाहकर भी बढ़ा न पाई वो खुद के लिए भी हाथ...

अब चिड़ियाँ ऊपर से ही उड़ते हुए निकल जाया करती हैं,

खुशियां आकर भी उसकी मुट्ठी से ही फिसल जाया करती हैं..!!

But this can't be the end of the story...

कहा था न कि वो थी ख्वाबों की एक शहजादी ...

तो क्या था ... ढूंढ ली उसने अपनी दुनिया अपने संग ही,

भर दिये उसने फूलों में मुस्कराहट के साथ अपने रंग भी।

उसने कम नहीं होने दी आंखों में सपनों की भी आबादी...

ख्वाबों में रहकर भी ढूंढ ली उनमें ही अपनी आजादी...

हो गई आज वो पूरी जो कभी थी आधी...

तो बताओ हुई न वो ख्वाबों की शहजादी...!!!



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