Ruchi Jha

Drama Crime Inspirational


3.2  

Ruchi Jha

Drama Crime Inspirational


दिल से दिल का रिशता

दिल से दिल का रिशता

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राखी आने वाली थी और हार साल कि तरह इस साल भी ये त्यौहार मेरे लिए बाकी के आम दिनों जैसा होने वाला था या शायद नहीं। राहुल अब हमारे बीच नहीं रहा। मेरा भाई जो मेरे लिए मेरी दुनियाँ था, मेरी वो दुनियाँ मुझसे बहुत दूर जा चुकी थी। आठ साल पहले राहुल का एक कार एक्सीडेंट में चल बसा। अकेला छोड़ गया वो मुझे जिसने हर मुश्किल में मेरे साथ रहने और मेरी रक्षा करने का वादा किया था। पर आज ऐसा लगा जैसे मेरा भाई मुझे फिर से मिल गया हो। उस दिन आँफिस से निकली कुछ ज्यादा ही देर हो गई थी मुझे, अंधेरा भी बहुत हो गया था। कोई ऑटो- रिक्शा नहीं मिल रही थी। उस सुनसान रास्ते पर जाना ऐसा लग रहा था मानो मुसीबतों को बुलावा देना। आज पहले इतनी देर मुझे कभी नहीं हुई थी। माँ भी बहुत परेशान थी घर से बार - बार फोन आ रहा था। फिर से माँ का फोन आया मैनें फोन उठाया ही था कि अचानक से पीछे से कुछ आदमियों की आवाज़ आने लगी। “ अरे फुलझरी अकेले - अकेले कहाँ चली, हमें भी साथ ले चलो ” माँ फोन पर ही थी ये आवाज़े सुनकर माँ भी बहुत घबरा गई थी। मैं डर कर उन से दूर भागने लगी पर बच ना पाई। उन लड़कों ने मुझे पकड़ लिया और मेरे साथ बदतमीजी करने लगे। मैं बहुत घबराई हुई थी। अब मेरा बचना मुश्किल था। पर अचानक वहां एक लड़का आया और मुझे बचाने के लिए उन सब से लड़ पड़ा। वो लड़का उन बदमाशों को वहां से भगाने में कामयाब रहा। मैं बहुत बुरी हालत में थी। मुझे बस कैसे भी कर के अपने घर जाना था। मैं इतनी ज्यादा डरी हुई थी कि जिसने मुझे बचाया मैं उस से भी डर कर भागने लगी थी। और भागते - भागते गिर कर बेहोश हो गई। और जब मेरी आँख खुली तो मैं अपने कमरे में थी। और माँ - पापा मेरे साथ बैठे हुए थे। उन्होनें मुझे सब बताया कि कैसे वो लड़का मुझे घर तक लेकर आया। उसको भी बहुत चोटें आई हुई थी। मैं उसका शुक्रिया अदा करना चाहती थी। मैं उसके पास गई और उसका हाल पूछा और उसको मुझे बचाने के लिए शुक्रिया किया। और मेरे शुक्रिया के बदले में उसके वापसी शब्द सुनकर मैं हैरान हो गई। जो शब्द उसने मुझे कहे वो राहुल ने मुझे कभी कहे थे। राहुल मुझसे हमेशा कहता था कि तू मेरी बहन है मेरी दुनियाँ है और मेरी दुनियाँ को कोई उजाड़ने की कोशिश करे में ऐसा होने नहीं दूँगा चाहे इसके लिए मुझे चाहे किसी से भी लड़ना पड़े या फिर अपनी जान देनी पड़े। पर अपनी बहन पर कभी आँच भी नहीं आने दूँगा। यही उस लड़के के मुँह से दोबारा सुनकर मेरे आँखों से आँसू बहने लगे और उनको पोछते हुए वो कहता कि मेरी बहन के आँखों में आँसू नही चेहरे पर हँसी होनी चाहिए। 

आज राखी है और आज मेरे लिए ये त्यौहार बाकी के दिनों जैसा आम नहीं है बल्कि बहुत खास है। क्योंकि भगवान ने मुझे एक और राहुल दे दिया आज।

वो कहते है ना रिश्ता सिर्फ खून का ही खास नहीं होता बल्कि कभी - कभी दिल के रिश्ते भी खून से बढ़कर होते है।


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