STORYMIRROR

Umesh Shukla

Inspirational

4  

Umesh Shukla

Inspirational

वट वृक्ष

वट वृक्ष

1 min
321

युग युग के साखी रहे

तमाम वटवृक्ष पुरातन

शीत. ताप और वर्षा 

झेल देते रहे वो जीवन


न जाने कितनों ने छांव

ले पाई होगी खुशहाली

कोटि कोटि वधुओं ने भी

बांधी डोरी मन्नतवाली


लोटा जल भर ले पहुंचे

होंगे न जाने कितने लोग

बहुतों ने यही भुलाए होंगे

अपनों से वियोग के योग


वटवृक्ष के महत्व को सदा

से सनातन रहा है पहचान

इसीलिए अब भी हर क्षेत्र 

में सुरक्षित है इसकी पहचान।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational