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Nisha Gupta

Abstract

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Nisha Gupta

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वसंत

वसंत

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शुक्र है ! उन कवियों का

जिन्होंने पन्नों पर फूल खिला दिए

किताबों पर वसंत उतार दिए

अपनी स्याही से

सुनहरी धूप फैला दी, सदा के लिए


ताकि तुम्हारे बच्चे

देख सकें वसंत को सपनों में

याद कर सकें पाठ्यक्रम में

शायद उन्हें पता हो

कोई गौर से ज़रूर पढ़ेगा


मन में सवाल गढ़ेगा

ठीक ऐसा ही हुआ

पढ़ता है वो वसंत

सोचता है वसंत को


पर महसूस नहीं करता

सिर्फ सवाल है पूछता

कहां गई वो सुंदरता

और मेरे हिस्से का वसंत ?


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