STORYMIRROR

Gayatri Sharma gunjan

Inspirational

4  

Gayatri Sharma gunjan

Inspirational

वसंत ऋतु

वसंत ऋतु

1 min
273

हे मां शारदे है नमन शारदे 

तेरा जन्मदिवस है वसंत शारदे।

सूखे पत्ते झरे मन उदासी टरे  

इस संसार को जीवन प्राण दे।।


भूलोक धरा पावन हो जहान 

इस धरा को हरियाली का वरदान दे।

लहलहाए फसल चूमे कलियां चमन 

धरती वीरो को मां शारदे तार दे।।


तरुणाई भरी आम की मंजरिया

पीली सरसो सजे जैसे दुल्हनिया।

मग्न कृषक जवान खेत फुलवारियां 

मुस्काई धरा लेती अंगड़ाइयां।।


पीपल बरगद बढ़े महुआ टपटप झरे 

सारे संसार का सर्व अमंगल टरे।

झरने पर्वत की कलकल धारा बहे 

तेरे वंदन से ऋतुराज मंगल करें।।


विद्या धन यश मिले कीर्ति चन्हू दिस बढ़े 

चतुर्दिशाओं में कलरव गुंजन रहे।

वसंतोत्सव की मुस्कान अधर खिले 

मन मस्तिष्क प्रफुल्लित रहे शारदे।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational