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Nicky Tarsariya

Abstract

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Nicky Tarsariya

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वो दिन फिर लौट आता

वो दिन फिर लौट आता

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काश वो दिन फिर लौट आता 

जब तुम और मै वापस पहलीबार मिलते

एक दूजे से अनजान बनके 

वही रास्तेमे फिर टकराते 

काश वो दिन फिर लौट आता 


तुम्हारी एक झलक देखनेके लिए 

रास्तोमे घंटो तक इंतजार करना 

और फिर जब तुम मिलो तो 

तुम्हारे चेहरेकी मुस्कराहट देखकर खुश होना 

काश वो दिन फिर लौट आता 


डरते डरते तुम्हें पहेलीबार प्रपोज करना 

ऐ सोचते हुए की तुमने मना कर दीया तो 

और फिर जब तुम्हारी हा मीलते ही 

जैसे सारे जहाँ की खुशी मील जाये 

काश वो दिन फिर लौट आता 


पसंद नापसंद जाननेके लिए 

घंटो तक फोनपे बात करना 

और फिर सब जान लेने के बाद 

तुम्हारी पसंदसे खुदको बदलना 

काश वो दिन फिर लौट आता 


ऐक दिनभी एक दुजे से अलग ना होते 

रोज ना जाने कितनी बातें करना 

ओर फिर जब थोड़ी सी लड़ाई होते ही 

कितने दिनो तक एकदुजेसे बात न करना 

काश वो दिन फिर लौट आता 


अलग होते ही तेरे प्यार में खुद को तड़पाना 

बिती हुई बातें याद करके ऐसे ही रोना 

ओर फिर जब सबकुछ सुलझ जाये तो 

एक दुजे की बाहों में खोके फिर से वही प्यार लुटाना 

काश वो दिन फिर लौट आता।


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