STORYMIRROR

Nandini Narsing Sonare

Abstract

2  

Nandini Narsing Sonare

Abstract

विश्वास

विश्वास

1 min
64


विचारो से मिलता है

दिल से निभाता है

यह रेशम डोर

दो दिलो से जुड़ती है


विश्वास से बंधा है

प्यार से सजा है

ये पवित्र बंधन

विवाह कहलाया है


कांच के टुकड़ो सा है

ये विवाह बंधन

नंदू कहे संभाल

विवाह नव जीवन।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract