उम्मीद
उम्मीद
काश कोई उम्मीद का दिया जला दे।
काश फिर से कोई जीना सिखा दे।
रोज के इन तकलीफों से
एक दिन की कोई छूटी दिला दे।
हर दिन नई उलझन...
हर दिन नई परेशानी।
रोज के इन परेशानियों से....
हमेशा के लिए कोई मुक्ति दिला दे।
आज हर आदमी की है यही तकलीफ।
तू उठ , खुद को अंधेरे में ...
रोशनी दिखा दे।
कोई तुझे उम्मीद दे ना दे...
तू लोगों को उम्मीद की
मशाल थमा दे।
तू उठ, खुद को खुद के पैरो पर खड़ा कर
उन पैरो को सच्चाई के रास्ते पे चला दे।
तू खुद उम्मीद का दिया जला दे
तू खुद सबको फिर से जीना सिखा दे।
धन्यवाद।
