STORYMIRROR

kalyani Pande

Inspirational

4  

kalyani Pande

Inspirational

उम्मीद

उम्मीद

1 min
285

काश कोई उम्मीद का दिया जला दे।

काश फिर से कोई जीना सिखा दे।

    रोज के इन तकलीफों से

    एक दिन की कोई छूटी दिला दे।

हर दिन नई उलझन...

हर दिन नई परेशानी।

रोज के इन परेशानियों से....

हमेशा के लिए कोई मुक्ति दिला दे।

    आज हर आदमी की है यही तकलीफ।

    तू उठ , खुद को अंधेरे में ...

    रोशनी दिखा दे।

कोई तुझे उम्मीद दे ना दे...

तू लोगों को उम्मीद की 

मशाल थमा दे।

     तू उठ, खुद को खुद के पैरो पर खड़ा कर 

     उन पैरो को सच्चाई के रास्ते पे चला दे।

तू खुद उम्मीद का दिया जला दे 

तू खुद सबको फिर से जीना सिखा दे। 


धन्यवाद।



Rate this content
Log in

More hindi poem from kalyani Pande

Similar hindi poem from Inspirational