"उड़ान: सपनों की दिशा"
"उड़ान: सपनों की दिशा"
चलो आगे बढ़ें, नये सफ़र में, सपनों की ऊँचाइयों को हम छू लें।
धूप-छाँव के खेल में, मन को सजग रखें, और न कोई हारे।
चुपचाप सितारे बोलते हैं, रात की गहराईयों से सिखाते हैं।
सपनों की पर्वतीय ऊँचाइयों पर, हर कदम पर नए सपने सजाते हैं।
चलो आगे बढ़ें, हो निरंतर, विचारों की धारा में बहते रहें।
जीवन के पारियों के साथ, समय के संग सहारा बनाते रहें।
आगे बढ़ें, सब कुछ संभाल के, सपनों के पंखों को हम खोलें।
हौसले से जिन्दगी को गले लगाकर, हर मुश्किल को हम साहस से टोलें।
सपनों की ओर बढ़ते रहें, खुद को नए आयामों में पहचानते रहें।
चलो आगे बढ़ें, नये सफ़र में, खुद को हर मोड़ पर पुनः जन्म देते रहें।
