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parm singh

Comedy

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parm singh

Comedy

थोड़ा सा मुस्कुरा दो

थोड़ा सा मुस्कुरा दो

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एक मरीज लड़खड़ाते हुए एक डॉक्टर के पास था आया,

वह डॉक्टर भी अभी अभी शोले फिल्म था देखकर आया।

फिर मरीज को थर्मामीटर लगा उसका था टेंपरेचर चेक किया,

अरे! ओ कालिया तुझे तो चढ़ा हुआ है बुखार पूरा 104° डिग्री।

मरीज का नाम भी तो देखो इत्तफाक से ही था कालिया,

कालिया डॉक्टर की बात सुनकर घबराया थोड़ा सा चकराया।

अ,अ,अब क,क, क्या होगा डॉक्टर साहब मेरा,

कालिया हकलाहट से बड़ी मुश्किल से बोल पाया।

अब किया होना है तेरा कालिया अब तू गोली खा,

डॉक्टर की बात सुन कालिया थरथर एक बार कंपकंपाया।

हे भगवान डॉक्टर के भेष में यह गब्बर कहाँ से आया,

कालिया हाथ जोड़कर मन में ही खुद से बुदबुदाया।

डॉक्टर कालिया को देखकर कुटिलता से था मुस्कुराया,

कालिया डॉक्टर को देख सिर पर पांव रख भाग वहाँ से आया।

यह ससुरा गब्बर डॉक्टर के भीतर कैसे है घुस आया,

कही यह डॉक्टर शोले फिल्म देखकर तो नहीं था आया,

कालिया यह सोचकर एक बार था फिर से चकराया।



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