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AKHILESH YADAV

Romance

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AKHILESH YADAV

Romance

तेरा आना याद है

तेरा आना याद है

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बचपन की नादानी वो हर पल शैतानी,

उस नन्ही-सी ज़िंदगी में तेरा आना याद है।


वो प्यारी-सी मुसकान थी, जो मेरे लबों पर खिल जाती थी,

सोच कर तेरे बारे में यूँ शर्माना याद है।


आज मिले जो बरसों बाद फिर हम जज्बातों को यूँ रोक लिया,

कभी जिससे मिलने के लिए रोज स्कूल जाना याद है।


बहुत प्यार करता हूँ तमसे जो कभी लफ़्ज़ों में यूँ बयान ना हो,

डायरी के हर इक पन्नों में तुझे सजाना याद है, 

मेरी नन्ही-सी जिंदगी में तेरा आना याद है।


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