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Shikha Mallah

Abstract

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Shikha Mallah

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सुना है

सुना है

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जो कल तक सबके बाद उठा करती थी,सुना है

 है आज वो सबके उठने से पहले उठ जाती है।


जो रसोईघर मे कदम तक नहीं रखती थी,

सुना है वो आज सबके लिए खाना बनाती है।


जो अपने जन्मदिन के दो दिन पहले से ही

अपना तोहफा माँगा करती थी, सुना है अब उसे

अपना जन्मदिन भी याद नही रहता।


कल तक जो एक गुड़िया नहीं संभाल पाती थी,

सुना है आज वो दो दो बच्चे संभाल रही है।


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