STORYMIRROR

Shreya Velapure

Abstract Children Stories Children

3  

Shreya Velapure

Abstract Children Stories Children

सपना

सपना

1 min
227

दुनिया से सीखा था हमने,

सपनों से समझोता करना। 


हर मनुष्य की आँखों मे, 

बहुत से सपने होते हैं।

कोशिश से जो भी मिले, 

उसके पूरे हर सपने होते हैं।


समय को न यूल बेकार करे, 

कुछ अपना नया काम करे

लगन के साथ मिल करके, 

अपना सपना साकार करे। 


दुनिया से सीखा था हमने,

सपनों से समझोता करना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Shreya Velapure

सपना

सपना

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Abstract