STORYMIRROR

Parshuram Baliarsingh

Inspirational

4  

Parshuram Baliarsingh

Inspirational

सक्सेस (सफलता)

सक्सेस (सफलता)

1 min
419

सक्सेस जिंदगी का हिस्सा नहीं है

हिस्सा तो बनाना पढ़ता है 

सक्सेस खुद चाल के नही आता 

खुद छीन के लाना पड़ता है।।


 १. जिंदगी के हर दौर में

प्रतियोगिता करनी पड़ती है

प्रतियोगी चाहे रहे या नहीं

प्रतियोगी होना पड़ता है।।


 २.जो सक्सेस केलिये खुदा बुलाए 

ओ आत्म निर्भर नहीं होता है 

खुदा तो सबकुछ दे चूके है 

अब तुम को बाकी करना है।।


३.खुदा तो दिया खुद की गठन 

कीआ तुमको sarba स्रेस्ट है

तुम्हारी मन की तुम ही मालिक 

खुद पाओगे कर्म की फल है।।


४.भागो भगाओ सक्सेस के पीछे

मिल्खा सिं की तेज से 

मत झुको अपने सपने के आगे 

डाटके रही जिदी से।।


५. सक्सेस का जो सस्ते होते हैं

यहां चल ना नहीं आसान 

लेकिन, नहीं मरोगे ये तो सच हैं 

आएगा बहत परिसान।।

सक्सेस जिंदगी का हिस्सा................


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational