श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि
हम देते उसको,
था जो निगेहबान देश का,
श्रद्धा सुमन हम उसको चढ़ाते,
था वो सच्चा जवान फौज का।
शत शत नमन उन सच्चे सैनिकों को,
अनेकों दुश्मन मार गिराए,
श्रद्धांजलि दे उन सभी को,
जो लौट कर घर वापस ना आए।
सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाता,
दुश्मन के लिए सभी तैयार हैं,
देश सेवा से है सभी का नाता,
देश के लिए तन मन से सभी तैयार हैं।
वार अगर तुम एक बार करोगे,
फिर हम हैं ना रुकने वाले,
श्रद्धांजलि लेने को तैयार हैं,
देश के सैनिक सभी मतवाले।
भारत मां है ऋणी सभी की,
जो ना प्राणों का भी मोह करें,
भारत देश के सच्चे सैनिक,
लोहा दुश्मन से लेते रहें।
कहते हैं मैं अपना फर्ज निभाऊंगा,
मां की रक्षा करने को अपना शीश चढ़ाऊंगा,
नम विदाई देंगे देश की आंखें,
जब लिपट कर तिरंगे में आऊंगा।
श्रद्धांजलि सभी मिलकर देते हैं,
उन मतवाले बलिदानियों को,
परवाह प्राणों के नहीं करते,
अमर गाथा है उन सेनानियों की।
