साल नया
साल नया
भीनी सी भीगी भोर लिए
मीठी सी मधुर सुगंध लिए
यूं आया देखो साल नया
गरम चादरों में सिमटा सा
नरम धूप में निखरता सा
यूं आया देखो साल नया,
अंदर कई बदलाव लिए
बीते वर्ष का आभार लिए
एक नयी दिशा की तलाश लिए
यूं आया देखो साल नया,
जन जन में अब हलचल है
चहुँ ओर परिवर्तन की लहर है
कहीं स्वच्छता के प्रहरी बने
कहीं हर तरह से अपनी
ईमानदारी का परिचय देते
हर तरह से हर मानस की मदद करते
एक सच्चे नागरिक होने का प्रमाण देते,
मेरे देश में हर तरफ
एक नई उर्जा का संचार लिए
यूं आया देखो साल नया,
सशकत नीतियों को मात्र लागू करना
बड़ी बात नहीं....
बात तो तब है__ जब जन जन द्वारा
इसे स्वीकारा जाये, निभाया जाये,
न जाने क्यूँ...
हर प्रयास अब संभव सा लगता है
मेरे देश का हर दिन, हर साल
अब नया सा लगता है,
पग पग प्रगति की रफ्तार लाए
जन जन को नई मुस्कान दिए
नए दिन महीने नित नए पर्व लिए
यूं देखो आया साल नया, हां साल नया।
