रोयेंगे
रोयेंगे
मेरे जनाजे में लोग क्या ही रोयेंगे
अच्छा इंसान था, हम खुद-भी रोयेंगे
हटेगा पर्दा आहिस्ते जब चेहरे से मेरे
रहा चलते मुसाफिर भी देखकर रोयेंगे
चलना संग , हालत दिखाएंगे अपनी
हंसेंगे संग, फिर साथ बेठकर रोयेंगे
मुस्कुराएगे हम, अभी लोग सामने है मेरे
जाते ही उनके, अकेले में बैठकर रोयेंगे
आईना देखेंगे हम, हालत देखेंगे अपनी
हंसेंगे खुदपर, फिर हालत पर, रोयेंगे
यादें हमेशा याद रहती है "नितिन"
हमें याद करके लोग ज़रूर रोयेंगे।
